इस ब्लॉग से पूर्व मेरे चार एकल ब्लॉग हैं , कुछ सांझे ब्लॉगस में भी हिस्सेदार हूँ .ऐसे में एक और ब्लॉग क्यों ? दरअसल इस ब्लॉग पर मैं सिर्फ उन रचनाओं के लिंक दूँगा जो अन्यत्र प्रकाशित हुई हैं । इस प्रकार मेरी इधर- उधर फैली रचनाएँ एक जगह पर एकत्र हो जाएँगी । आशा है मेरा यह प्रयोग आपको पसंद आएगा ।
sundar post hae.
प्रत्युत्तर देंहटाएंsundar post... a good verse../
प्रत्युत्तर देंहटाएंये उम्दा पोस्ट पढ़कर बहुत सुखद लगा!
प्रत्युत्तर देंहटाएंप्रेम दिवस की बधाई हो!
सुंदर प्रस्तुति
प्रत्युत्तर देंहटाएंबहुत सुन्दर रचना,खूबसूरत प्रस्तुति.
प्रत्युत्तर देंहटाएंआपका
सवाई सिंह
एक ब्लॉग सबका
आज का आगरा