गुरुवार, अगस्त 16, 2012

चाँद

2 टिप्‍पणियां:

बेनामी ने कहा…

खरगोश का संगीत राग
रागेश्री पर आधारित है जो कि खमाज थाट का सांध्यकालीन राग है, स्वरों
में कोमल निशाद और बाकी स्वर शुद्ध
लगते हैं, पंचम इसमें वर्जित है,
पर हमने इसमें अंत में पंचम का प्रयोग भी किया है, जिससे इसमें राग बागेश्री भी
झलकता है...

हमारी फिल्म का संगीत वेद नायेर
ने दिया है... वेद जी को अपने
संगीत कि प्रेरणा जंगल में
चिड़ियों कि चहचाहट से मिलती है.
..
Stop by my blog खरगोश

Kumar Radharaman ने कहा…

सौंदर्य-बोध की शुरूआत ही प्रकृति से होती है।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...