शुक्रवार, मार्च 16, 2012

आग लगा दी पानी में

इस दिल ने नादानी में
आग लगा दी पानी में ।

* * *

4 टिप्‍पणियां:

मनोज कुमार ने कहा…

यहां ही पढ़ ली।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति!
इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

dheerendra ने कहा…

या रब ऐसा क्यों होता
दुख हर प्यार कहानी में |
बहुत सुंदर भाव अभिव्यक्ति,बेहतरीन सटीक रचना,......

MY RESENT POST... फुहार....: रिश्वत लिए वगैर....
MY RESENT POST ...काव्यान्जलि ...: तब मधुशाला हम जाते है,...

Udan Tashtari ने कहा…

आगाज इतना जबरदस्त है...तो वहाँ तो जाना होगा ही!!

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